Hanuman Chalisa lyrics In Hindi PDF Download 2022

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श्री हनुमान चालीसा

दोस्तों आज हम श्री हुनमान चालीसा (आरती, पूजा विधि, बजरंग बाण, श्री राम स्तुति और हिन्दी अर्थ सहित ) सभी के बारे में जानकारी लेंगे। आप सभी जानते ही होंगे की हनुमान चालीसा को अवधि भाषा में तुलसीदास ने लिखा था। ऐसा कहा जाता है की हनुमान चालीसा का पाठ करने से जीवन में नकारत्मक सोच से दूर रहने की शक्ति मिलती है।

हिन्दू धर्म में इस पाठ को हर मंगलवार के दिन पढ़ा जाता है क्यूँकि ऐसा माना जाता है की मंगलवार हनुमान जी का दिन होता है। इस हनुमान चालीसा में जीवन में आने वाली दुविधाओं का सामना करने के लिए बताया गया है। ऐसे बहुत से लोग है जिनको हनुमान चालीसा तो याद है लेकिन इसका हिन्दी अर्थ उन्हें मालूम नहीं होता है। इसलिए हमने हनुमान चालीसा के पाठ के साथ इसका हिन्दी अनुवाद चित्र सहित उपलब्ध कराया है।

तो चलिए सबसे पहले हम हनुमान जी की पूजन विधि के बारे में जानते हैं।

श्री हनुमान जी की नित्य पूजा में साधक शुद्ध वस्त्र (यथा संभव लाल ) पहनकर पूर्व अथवा उत्तर की और मुख करके बैठ साधना में सहायक श्री हनुमान जी की मूर्ति, चित्र अथवा तांबे या भोज पत्र पर अंकित यंत्र सामने रखें। पूजन सामग्री में लाल पुष्प, अक्षत, सिन्दूर का प्रयोग होता है। प्रसाद में बून्दी, भुने चने व चिरौंजी दाना तथा नारियल चढ़ता है। साधक हाथ में अक्षत व पुष्प लेकर निम्नलिखित मंत्र से श्री हनुमानजी का ध्यान करें।

Hanuman Chalisa lyrics In Hindi PDF Download

Hanuman Chalisa lyrics In Hindi

Hanuman Chalisa Lyrics In Hindi हिन्दी अनुवाद PDF Download

Hanuman Chalisa lyrics In Hindi

हनुमान चालीसा Hanuman Chalisa lyrics In Hindi

दोहा

श्रीगुरु चरन सरोज रज निजमनु मुकुरु सुधारि।
बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि।।
बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।
बल बुधि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।।

चौपाई

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।
जय कपीस तिहुं लोक उजागर।।
रामदूत अतुलित बल धामा।
अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।।

महावीर विक्रम बजरंगी।
कुमति निवार सुमति के संगी।।
कंचन वरन विराज सुवेसा।
कानन कुण्डल कुंचित केसा।।

हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै।
काँधे मूँज जनेऊ साजै।
शंकर सुवन केसरीनंदन।
तेज प्रताप महा जग वन्दन।।

विद्यावान गुणी अति चातुर।
राम काज करिबे को आतुर।।
प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।
राम लखन सीता मन बसिया।।

सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।
विकट रूप धरि लंक जरावा।।
भीम रूप धरि असुर संहारे।
रामचंद्र के काज संवारे।।

लाय सजीवन लखन जियाये।
श्रीरघुबीर हरषि उर लाये।।
रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।
तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।।

सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।
अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं।।
सनकादिक ब्रह्मादि मुनीशा।
नारद सारद सहित अहीसा।।

जम कुबेर दिगपाल जहां ते।
कवि कोविद कहि सके कहाँ ते।।
तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।
राम मिलाय राज पद दीन्हा।।

तुम्हरो मंत्र विभीषन माना।
लंकेश्वर भये सब जग जाना।।
जुग सहस्र योजन पर भानू।
लील्यो ताहि मधुर फल जानू।।

प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।
जलधि लांघि गये अचरज नाहीं।।
दुर्गम काज जगत के जेते।
सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।।

राम दुआरे तुम रखवारे।
होत न आज्ञा बिनु पैसारे।।
सब सुख लहै तुम्हारी सरना।
तुम रक्षक काहू को डरना।।

आपन तेज सम्हारो आपै।
तीनों लोक हांक तें कांपै।।
भूत पिसाच निकट नहिं आवै।
महाबीर जब नाम सुनावै।।

नासै रोग हरै सब पीरा।
जपत निरंतर हनुमत बीरा।।
संकट तें हनुमान छुड़ावै।
मन क्रम वचन ध्यान जो लावै।।

सब पर राम तपस्वी राजा।
तिनके काज सकल तुम साजा।
और मनोरथ जो कोई लावै।
सोई अमित जीवन फल पावै।।

चारों युग परताप तुम्हारा।
है परसिद्ध जगत उजियारा।।
साधु-संत के तुम रखवारे।
असुर निकंदन राम दुलारे।।

अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता।
अस वर दीन जानकी माता।।
राम रसायन तुम्हरे पासा।
सदा रहो रघुपति के दासा।।

तुम्हरे भजन राम को भावै।
जनम-जनम के दुख बिसरावै।।
अन्त काल रघुबर पुर जाई।
जहाँ जन्म हरि-भक्त कहाई।।

और देवता चित्त न धरई।
हनुमत सेई सर्व सुख करई।।
संकट कटै मिटै सब पीरा।
जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।।

जै जै जै हनुमान गोसाईं।
कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।।
जो सत बार पाठ कर कोई।
छूटहिं बंदि महा सुख होई।।

जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा।
होय सिद्धि साखी गौरीसा।।
तुलसीदास सदा हरि चेरा।
कीजै नाथ हृदय महँ डेरा।।

दोहा

पवनतनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।
राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप।।

श्री हनुमान जी की आरती

आरती कीजै हनुमान लला की । दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥ जाके बल से गिरवर काँपे । रोग-दोष जाके निकट न झाँके ॥ अंजनि पुत्र महा बलदाई । संतन के प्रभु सदा सहाई ॥ दे वीरा रघुनाथ पठाए । लंका जारि सिया सुधि लाये ॥

लंका सो कोट समुद्र सी खाई । जात पवनसुत बार न लाई ॥ लंका जारि असुर संहारे | सियाराम जी के काज सँवारे ॥

लक्ष्मण मुर्छित पड़े सकारे । आणि संजिवन प्राण उबारे ॥ पैठि पताल तोरि जमकारे । अहिरावण की भुजा उखारे ॥

बाईं भुजा असुर दल मारे । दाहिने भुजा संतजन तारे ॥ सुर-नर-मुनि जन आरती उतरें । जय जय जय हनुमान उचारें ॥ कंचन थार कपूर लौ छाई | आरती करत अंजना माई | लंक विध्वंस किये रघुराई । तुलसीदास स्वामी कीर्ति गाई ॥

जो हनुमानजी की आरती गावे । बसहिं बैकुंठ परम पद पावे ॥ आरती कीजै हनुमान लला की । दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥

संकटमोचन हनुमानाष्टक का पाठ

बाल समय रवि भक्षी लियो तब, तीनहुं लोक भयो अंधियारों । ताहि सों त्रास भयो जग को, यह संकट काहु सों जात न टारो । देवन आनि करी बिनती तब, छाड़ी दियो रवि कष्ट निवारो । को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो ॥ १ ॥

बालि की त्रास कपीस बसैं गिरि, जात महाप्रभु पंथ निहारो । चौंकि महामुनि साप दियो तब, चाहिए कौन बिचार बिचारो । कैद्विज रूप लिवाय महाप्रभु, सो तुम दास के सोक निवारो ॥ २ ॥

अंगद के संग लेन गए सिय, खोज कपीस यह बैन उचारो । जीवत ना बचिहौ हम सो जु, बिना सुधि लाये इहाँ पगु धारो । हेरी थके तट सिन्धु सबे तब, लाए सिया-सुधि प्राण उबारो ॥ ३ ॥

रावण त्रास दई सिय को सब, राक्षसी सों कही सोक निवारो । ताहि समय हनुमान महाप्रभु, जाए महा रजनीचर मरो । चाहत सीय असोक सों आगि सु, दै प्रभुमुद्रिका सोक निवारो ॥ ४ ॥

बान लाग्यो उर लछिमन के तब, प्राण तजे सूत रावन मारो । लै गृह बैद्य सुषेन समेत, तबै गिरि द्रोण सु बीर उपारो । आनि सजीवन हाथ दिए तब, लछिमन के तुम प्रान उबारो ॥ ५ ॥

रावन जुध अजान कियो तब, नाग कि फाँस सबै सिर डारो । श्रीरघुनाथ समेत सबै दल, मोह भयो यह संकट भारो I आनि खगेस तबै हनुमान जु, बंधन काटि सुत्रास निवारो ॥ ६ ॥

बंधू समेत जबै अहिरावन, लै रघुनाथ पताल सिधारो । देबिन्हीं पूजि भलि विधि सों बलि, देउ सबै मिलि मन्त्र विचारो । जाये सहाए भयो तब ही, अहिरावन सैन्य समेत संहारो ॥ ७ ॥

काज किये बड़ देवन के तुम, बीर महाप्रभु देखि बिचारो । कौन सो संकट मोर गरीब को, जो तुमसे नहिं जात है टारो । बेगि हरो हनुमान महाप्रभु, जो कछु संकट होए हमारो ॥ ८ ॥

॥ दोहा ॥

लाल देह लाली लसे, अरु धरि लाल लंगूर । वज्र देह दानव दलन, जय जय जय कपि सूर ॥

Conclusion

हमने इस वेबसाइट पर जो Hanuman Chalisa Lyrics In Hindi Download का लिंक दिया है वह हमारे hindutemplealbany.org के ऑफिसियल वेबसाइट का है। उम्मीद है की जिस Hanuman Chalisa Lyrics In Hindi को Downlaod करने आये थे वह आपको मिल गया होगा।

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